अजमेर में दिनांक 11 व 12 फरवरी को केन्द्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद सचिन पायलेट की पहल पर आयोजित किये गये स्वास्थ्य मेले को शहर भा.ज.पा. ने जिले के हजारों लोगों के स्वास्थ्य जैसे संवेदन शील विषय से खिलवाड़ करने वाला बताते हुए कहा कि इसे स्वास्थ्य मेले का नाम देकर तथा गरीब ग्रामीणों को बरगलाकर कांग्रेस पार्टी ने पटेल मैदान में हजारों लोगों को लावारिसों की तरह ला कर छोड़ दिया। हालात यह रहे कि हजारों रुपये खर्च कर इलाज के लिए अजमेर आये शहरी व ग्रामीण पटेल मैदान में इधर-उधर घूमते रहे उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। भा.ज.पा. ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर चिकित्सा शिविर आयोजन के पूर्व इसके व्यापक प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गयी इसका खामियाजा गरीब ग्रामीणों को भुगतना पड़ा।
इस शिविर की नाकामी का अदांज इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें धक्का मुक्की से दम घुटने से एक महिला की मौत हो गयी तथा अनेकों लोग घायल हो गये। भा.ज.पा. ने कहा कि स्वास्थ्य जैसे विषय पर अपना राजनैतिक धरातल तैयार करने का सचिन पायलेट का यातायात के साधन उपलब्ध करा कर नरेगा के मजदूरों को बड़ी तादाद में इक्कठा करने का प्रयास भी अशोभनीय है। उक्त मेगा कैम्प में आयोजकों द्वारा दो दिन में 80 हजार से ज्यादा रोगियों के पंजीयन का दावा किया जा रहा है। जबकि वास्तव में क्या 2 दिनों के 12-12=कुल 24 घण्टों के 1440 मिनटों में 80 हजार लोगों का उपचार या चैकअप कौन से जादू से किया गया। 80 हजार लोगों को कितने चिकित्सा उपकरण व दवाईयाँ नि:शुल्क दी गयी।
भा.ज.पा. जिलाध्यक्ष रासासिंह रावत, विधायक वासुदेव देवनानी, अनिता भदेल, श्री किशन सोनगरा, शिवशंकर हेड़ा, धर्मेश जैन, पूर्णाशंकर दशौरा, अरविन्द यादव, धर्मेन्द्र गहलोत, कैलाश कच्छावा, सोमरत्न आर्य, कवल प्रकाश, किशनानी, सतीश बंसल, बी. पी. सारस्वत, देवेन्द्रसिंह शेखावत ने इस चिकित्सा कैम्प को पूर्णतया विफल बताते हुए कहा कि पटेल मैदान में अव्यवस्थाओं का बोल बाला रहा यहाँ तक कि पीने के पानी के लिए भी लोग तरस गये तथा पटेल मैदान के बाहर मोटी रकम देकर पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझा रहे थे, भा.ज.पा. ने इस कैम्प के दौरान मृतक महिला के परिजनों को 5 लाख के मुआवजे सहित घायलों को भी मुआवजा देने की मांग की है। भा.ज.पा. ने कहा है कि यह जाँच का विषय है कि इस आयोजन के लिए इतना धन कहा से आया? भा.ज.पा. ने कहा कि संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सालय जे.एल.एन. अव्यवस्थाओं का शिकार हो रहा है। यहाँ पर सी.टी. स्केन, एम. आर. आई., न्यूरो फिजिशियन सहित कई सुविधाओं का अभाव है यदि सचिन पायलेट इस चिकित्सालय की सुध लेते तो संभाग वासियों को स्थायी रूप से चिकित्सा सुविधा व राहत मिल सकती थी।

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