चाहे कोई भी हो स्टार, यहां आकर सिर झुकाता ही है


अजमेर। पाकिस्तान के मशहूर सिंगर मोहम्मद आरिफ ने मंगलवार रात को सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह जियारत की। उन्होंने अकीदत का नजराना पेश कर भारत और पाकिस्तान के मजबूत रिश्तों की मन्नत मांगी। सिंगर आरिफ सपरिवार और यूनिट के सदस्यों के साथ जियारत को पहुंचे। उन्हें सैयद नजर हुसैन चिश्ती ने जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबरुक भेंट किया।

पुराने का ग्राफ बढ़ रहा है : आरिफ ने मीडिया से कहा कि आजकल गीतों में बनावटीपन आ गया है। पुराने गीत और गजलों को आज भी पसंद किया जाता है। उनकी पसंदगी का ग्राफ अब भी बढ़ रहा है। सूफी संगीत का अपना मुकाम है। इसे गाने और बजाने से दिली सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि कलाकार दोनों देशों के बीच आपसी संबंध सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
 

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